Tuesday, March 13, 2018

तू है पास

ये रातें
ये बातें
मुलाकातें
सब तेरी
याद से
मुंतजिर है
तू नही है
तो क्या
तेरे एहसास
हर सू बिखरे है
क्या करूँ
कैसे पुकारूँ
तू तो मेरे अंदर है।


0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

Links to this post:

Create a Link

<< Home