Thursday, September 8, 2011


जब सँवारा हैं मेरा नूर 
तूने अपने आईने मे 
क्यूँ ढूढ़ते हो अपना 
अक्स उसी आईने मे 
कटु होती हैं ज़ुबान आईने की...
मत पूछना कोई सवाल आईने से



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