Tuesday, June 19, 2012

पिता सबसे अहम



कभी सख़्त कभी नरम
मेरे पिता सबसे अहम
उनका मान हमारा मान
वो हैं हमारी जान
करते हैं प्यार हमसे
लेकिन जताते नही हैं
मा की तरह कभी भी हमे
दुलराते नही हैं
फिर भी लगते हैं प्यारे
क्यूँ की जब हम राह से भटक जाए तो
सबसे पहले जागते वही हैं
सच्चे मार्गदर्शक हमारे
हमारी भी आँखो के तारे
नही दे सकते हम उनको कुछ भी
फिर भी हैं वो सदा हमारे..........Love u papa...

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