Friday, June 14, 2013

मुझे सब याद है..

सताते हम नही
रुलाते हम नही..
बेवजह...दर्द नही देते....अपनो को..

मुझे सब याद है..
तेरा साथ, तेरी याद...तेरी मीठी बात..
प्यार से गले लगाना..दौड़ कर पास आना..
साथ मे गरमागरम चाय पीना..
ढेर सारा बतियाना ..
कुछ नही भूली हूँ.....
जल्द आ रही हूँ तुमसे मिलने...
मिटा दूंगी  सब दूरी......

ग़लत इंसान को बसा लिया होगा..
जो तुम्हे छोड़ कर अकेला ........चल दिया होगा..

तुम्हारा यही प्यार तो हमे अभी तक ताज़ा हैं...
ना भी होगी बारिश तो..क्या .संग भीज लेंगे...तेरे साथ..साथ..

तुम्हारी यही आदत तो अच्छी हैं..
तुम सच्चे बहुत हो...शब्दो मे..




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