Tuesday, July 26, 2011

बाँध लो प्यार मे अपने ऐसे सनम..




मेरी नज़र मे तुम अनमोल हो
मेरे दिल के प्यारे तुम 
सब ओर हो..........
नही आंक सकता कीमत यहाँ
क्यूँ लगाते हो कीमत 
अपनी तुम यहाँ ....
आरजू एक बची हैं यहीं
जाना न दूर हमसे कभी
बाँधी जो डोर तुमसे सजन
बँधी ही रहे वो जनम दर जनम..
रोशन करने को हैं सितारे बहुत
क्यूँ जलाते हो अपनी अँगुलिया यहाँ
आरज़ू जो करोगे हमारी सनम
तभी तो मिलेंगे हम तुम प्रियतम
पानी का क़तरा पानी से जा मिला
ऐसे ही प्यार हैं हमारा पिया
गुम हो जाएँगे बचेंगे ना हम
मिल के खाते हैं चलो ऐसी कसम
बाँध लो प्यार मे अपने ऐसे सनम..

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