Sunday, May 27, 2012

सात वचन या फिर साथ वचन


उम्र भर साथ रहने की खातिर
सात वचन लेते हैं
सोचते हैं निभाएँगे साथ
ताउम्र लेकिन बीच
मझदार मे ही
अलग हो लेते हैं
कहते हैं कभी होती हैं
प्रभु की विडंबना
कभी खुद ही
खुद के लिए
जहर बो लेते हैं

1 Comments:

At July 21, 2012 at 6:54 AM , Blogger Anant Alok said...

कभी खुद ही खुद के लिए जहर बो लेते हैं ....वाह

 

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