Monday, May 21, 2012

सपनो की कोई उम्र नही होती जनाब
जब चाहा बुला लिया..जब चाहा भगा दिया
कोई पकड़ नही सकता उन्हे...
धुंधली आँखो से भी देखे जा सकते हैं खवाब
बस नही रहता अब उन खवाबो का कोई जवाब

 

6 Comments:

At May 21, 2012 at 7:07 AM , Blogger डॉ. रूपचन्द्र शास्त्री मयंक (उच्चारण) said...

वाह...!
बहुत सुन्दर प्रस्तुति!

 
At May 21, 2012 at 12:01 PM , Blogger नुक्‍कड़ said...

ख्‍वाब महसूसे जाते हैं
उन्‍हें जवाब नहीं दिया जाता।

 
At May 21, 2012 at 12:13 PM , Blogger aparna khare said...

shukriya uncle...

 
At May 21, 2012 at 12:13 PM , Blogger aparna khare said...

sach kaha..mitr...bahut bahut abhaar

 
At May 21, 2012 at 6:45 PM , Blogger काजल कुमार Kajal Kumar said...

ख़्वाबों का कोई जवाब ही कहां

 
At May 24, 2012 at 11:55 AM , Blogger aparna khare said...

sach kaha...........

 

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

Links to this post:

Create a Link

<< Home