Thursday, January 30, 2014

रोशनी

रोशनी सारे जग मे फैलाए
चलो कुछ नया कर दिखाए
रहे ना अंधेरा किसी भी घर मे..
सारा तम मिटाए...
आओ एक बार फिर से 
नया प्रयास कर जाए




2 Comments:

At January 30, 2014 at 2:52 AM , Blogger राजीव कुमार झा said...

बहुत सुन्दर .
नई पोस्ट : दिशाशूल : अंधविश्वास बनाम तार्किकता

 
At January 30, 2014 at 5:48 AM , Anonymous Anonymous said...

nice..... :)

 

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