Friday, June 24, 2011

तुम ही बता दो क्या हैं ये???


एक बात मुझे भी याद आती हैं
रात के सन्नाटे मे बार बार डराती हैं
पलके हैं की सहज भीग सी जाती हैं
तुमसे दूर जाने का सोच कर
मॅन मे सिहरन सी दौड़ जाती हैं
क्या हैं ये......
क्यूँ हैं ये......
ये बात मेरी समझ मे नही आती हैं...
कही ये प्यार तो नही...
तुमसे किया कोई इकरार तो नही
तुम ही बता दो क्या हैं ये???

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