Tuesday, February 4, 2014

एक बार फिर से...


तुम्हारे अनायास ने... 
मुझे जिला डाला हैं...
सोई पड़ी मेरी चेतना से 
ना जाने क्या कह डाला हैं 
जाग उठे हैं 
सारे एहसास फिर से 
सोया प्यार ना जाने क्यूँ 
एक बार फिर से... 
ये तूने क्या कह डाला हैं..

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