Tuesday, May 19, 2015

काश वक़्त रुक जाये

काश 
वक़्त रुक जाये
थम जाये 
ठहर जाये
सांस ले लू जरा
जी लू जरा
एक पल 
तुम्हारे साथ
फिर चाहे 
सदिया गुजर जाये
यादों तले
चिराग जलते रहे
झिलमिलाती रहे रौशनी
तुम आओ न आओ
जिंदगी सरकती रहे
तेरा नाम लेकर
मुस्कुराती रहू
भले आँखों में हो आंसू
तुम भी रहो
कसक बनकर
हमेशा के लिए
महक बनकर
रूह में मेरी

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