Monday, August 1, 2011



सुपारी भी स्वाद लाती हैं
जिंदगी भी बहुत 
कुछ दे जाती हैं..
सुपारी का स्वाद 
नही रहता टिक कर...
जिंदगी का स्वाद ऐसा हैं...
जो जाता नही..ज़ुबान से

लोग तो आ आ कर टकराया करते हैं
लेकिन उन्हे पता नही...पथर..
कभी भी घबराया नही करते हैं..
बात हैं इंसानियत की वरना
सबक तो हम भी सिखाया करते हैं



'पत्थर' को'पानी' भी काट देता है अक्सर"
ये बात सच हैं सौ प्रतिशत
लेकिन इसमे वक़्त बहुत लगता हैं
तब तक तो सामने वाला टूट के
बिखर चुकता हैं.....करना हैं ये काम
तो वक़्त रहते कर ले...प्यार की दुनिया से
मगरूरियत तमाम कर ले

कौन चाहता हैं छाया देना
सब उपर उठना चाहते हैं
बिना भाव की कमाई किए
सब आगे बढ़ना चाहते हैं
आज की इस इन्स्टेंट दुनिया मे
इंतेजार कहाँ करना चाहते हैं

पीछे मे क्यूँ खड़े हो
आगे आओ, जिंदगी से 
हाथ मिलाओ
कितनी खूबसूरत हैं जिंदगी
कुछ पल तो साथ बितओ

गर मिल गया हैं मुकाम 
तो रुक मत जाना.....
तलाशना नया मुकाम
और आगे बढ़ जाना...

हम जिंदगी की उचाईयो की बाते करते हैं
और अपनी ही उचाई से ही मात खा गये
नही जी....अब नही रुकेंगे.............
दूसरो की आँखो से भी अपना हुस्न देख लेंगे

दुश्मनी सिखाई नही जाती दोस्त....
एक दुश्मन बना लो..सब सीख जाओगे


दुश्मनी जम के करो लेकिन इतनी गुंजाइश रहे
जब कभी दोस्त बने तो एक दूसरे से शर्मिंदा ना हो

क्यूँ करते हो दुश्मनी की बाते...
चलो प्यार का महल बनाए
अपने मजबूत इरादो से उसे सजाए
सारे दोस्तो को बुला कर उस महल मे
चलो पार्टी मनाए

अम्बर पर सतरंगी आवरण -----
जब भी छाये तुम बहुत याद आये ..
बदल तो बरस कर चले गये
लेकिन तुम याद बनकर 
मेरी नब्ज़ नब्ज़ मे अटक गये
मेरी सांसो मे धड़कट्ी हैं तुम्हारी साँसे
मेरी साँसे तो जानो कहीं खो सी गई हैं


भाई प्यार मे खराबी क्या हैं?
दुश्मन तो मारने की बाते करते हैं..

मेरा जिन्‍दगी का फलसफॉ तो है कि ,
नजर उठी भी ना थी और उनको देख लिया ,
जुबॉ खुली भी ना थी और बात भी कर ली ।।

बात निगाहो से हो या दिल से
क्या फ़र्क पड़ता हैं.................
मज़ा तो तब हैं..जब उनसे पहले ही
हमारा दिल धड़कता हैं................
जान न ले दिल की आहट को वो...
बस इसी बात से दिल बार बार डरता हैं..

अंदर से भी बरसने को आतुर
तेरे प्यार मे कुछ कर गुजरने को व्याकुल
कौन सी वजह हैं ये.. कौन सा सलीका हैं
कुछ तू करने को आतुर...कुछ मैं करने को आतुर

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