Thursday, August 18, 2011

क्या मुझे देख रहे हो?




बादलो मे झाँकता तुम्हारा चेहरा
मुझे आज भी बहुत याद आता हैं
मुझे मेरी मीठी यादों से बरबस..
जा मिलवाता हैं......................
तुम्हारी झील सी गहरी आँखो का
सुरूर आज तक हम पे छाया हैं
उसी नशे ने मुझे................
जिंदगी से मिलवाया हैं...........
तुम्हारा मेरी जिंदगी मे अचानक आना
मेरा बर्फ सा संपूर्ण पिघल जाना....
एक ठंडी हवा का स्पर्श, 
नही तो और क्या था?
अपनी मीठी बातों से ....
रिमझिम फुहारो सा मेरे चेहरे को
भिगो जाना................
आज भी मुझे सिहरन से भर देता हैं
तुम्हारी हर अदा मेरे लिए 
सुबह की लाली जैसी थी.............
आज भी वही हवा का झोका हैं
रिमझिम फुहारे हैं
चाँद हैं, बादल हैं
आकाश हैं, तारे हैं
पर तुम नही हो
आज भी तुम बादलो मे छिप कर
प्यार भारी निगाहो से
क्या मुझे देख रहे हो? 
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    • Aameen Khan 
      तुम्हारी झील सी गहरी आँखो का

      सुरूर आज तक हम पे छाया हैं

      उसी नशे ने मुझे................

      जिंदगी से मिलवाया हैं...........

      ............beautiful one.....
      August 18 at 5:26pm ·  ·  1 person
    • Aparna Khare thanks
      August 18 at 5:33pm · 
    • Manoj Kumar Bhattoa तुम्हारी झील सी गहरी आँखो का
      सुरूर आज तक हम पे छाया हैं
      उसी नशे ने मुझे................
      जिंदगी से मिलवाया हैं...........
      wah ! bahut khoob................Aparna Khare ji.
      August 18 at 5:38pm ·  ·  1 person
    • Aparna Khare thanks Manoj Kumar Bhattoa ji
      August 18 at 5:39pm ·  ·  1 person
    • Manoj Kumar Bhattoa ‎:)
      August 18 at 5:39pm ·  ·  1 person
    • गोविन्द गोपाल वैष्णव है यह दिल के अफसाने ....मीठे मीठे ............मन लुभावन .............
      !!! जय राधे श्री कृष्णा !!!
      August 18 at 5:45pm ·  ·  1 person
    • Aparna Khare thanks Govind ji
      August 18 at 5:46pm ·  ·  1 person
    • Rajani Bhardwaj तुम्हारा मेरी जिंदगी मे अचानक आना

      मेरा बर्फ सा संपूर्ण पिघल जाना...................Awesome aparna
      August 18 at 5:57pm ·  ·  1 person
    • Maya Mrig यह जादुई स्‍पर्श बना रहता है उम्र भर---
      August 18 at 6:22pm ·  ·  2 people
    • Naresh Matia kavita bahut badhiya hain...parsab kuchh khayaalo mei hi hain...kyoki pahle bhi chehra badalo mei hi tha....ab nahi...
      August 18 at 8:00pm ·  ·  3 people
    • Kiran Arya तुम्हारी झील सी गहरी आँखो का
      सुरूर आज तक हम पे छाया हैं
      उसी नशे ने मुझे................
      जिंदगी से मिलवाया हैं........bahut hi khoobsurat abhivyakti dost...........:))
      August 18 at 8:24pm ·  ·  4 people
    • Aparna Khare thanks Rajni ji
      August 18 at 8:35pm · 
    • Aparna Khare thanks Maya sir.......sab akarshak lagta hain
      August 18 at 8:35pm · 
    • Shamim Farooqui Bahut hi khubsurat ehsaas..waah Aparna Khare.
      August 18 at 10:23pm ·  ·  1 person
    • Ashish Khedikar bahut khoobsurati se bhaavnaaon ko vyakt kiya hai Aparna ji...
      bahut khoob....
      August 19 at 12:13am ·  ·  1 person
    • Meenu Kathuria jab koi bhi apna ahsas........apni meethi yaado ke share hume chod kar...........achanak humse door chala jaata hai...........to harpal aas paas hone ka abhash hota hai...........
      August 19 at 12:20am ·  ·  3 people
    • Poonam Matia ahsaason ko shabdon mei dhal kar ............sunder abhivyakti ........
      August 19 at 2:37am ·  ·  2 people
    • Gunjan Agrawal kya baat hai...... badhiya kavita... aache ehsaas.... adra nayan
      August 19 at 11:07am ·  ·  2 people
    • Mutha Rakesh aparna ji bahut achha ...kavita ki bhavnayen v expression bahut bhaya ..
      August 19 at 8:36pm ·  ·  1 person
    • Aparna Khare bahut bahut abhaar sir......
      August 19 at 8:37pm · 
    • Gopal Krishna Shukla प्रीत के मधुर स्पर्श को रेखांकित करती रचना.... सुन्दर भावाव्यव्क्ति......

      तुम्हारा मेरी जिंदगी मे अचानक आना
      मेरा बर्फ सा संपूर्ण पिघल जाना....
      एक ठंडी हवा का स्पर्श,
      नही तो और क्या था?....
      Sunday at 5:48pm ·  ·  1 person
    • Aparna Khare thanks Gopal Krishna Shukla ji
      Monday at 11:41am ·  ·  1 person








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