Sunday, April 8, 2012

क्या लिखू कैसे लिखू?

क्या लिखू कैसे लिखू?
जो अंतर मे समा जाए
मिट जाए भेद स्त्री पुरुष का
परमात्मा प्रगट हो जाए
सहज यौगिक क्रियाओं से
जो उत्पन्न होता हैं
कहते हैं नई स्रिस्टी का
तभी सृजन होता हैं
करने को नया सृजन
किसे प्रयोग मे लाउ
मिटे जब भेद सारे
तभी अभेद कहलाउ
सोचती हूँ नया जीवन
नया संगीत फिर गाउ
क्या लिखू कैसे लिखू?
जो सब मे समा जाउ 




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