Wednesday, October 10, 2012

तेरे साथ का सफर






जब हर जगह तू ही हैं छिपा
हर वक़्त मेरे साथ चल रहा..
तो क्यूँ करुँगी तुझे याद..

करती चलूंगी तुझसे
मैं सारी बात...
कब कट जायेगा सफर
पता ही न चलेगा..
तू जो मेरे संग होगा..
फिजा का भी बदला सा
हर रंग होगा...
रंगीन बहारो संग...
हमारा सफर भी..
कितना रंगीन होगा....
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