Wednesday, February 6, 2013





गर मैं बदल जाउ
तुम सह ना पओगि
मुझे पता हैं तुम
मेरे बगैर एक पल भी
रह ना पावगी
मेरी खामोशी तुम्हे
अच्छी नही लगती
मेरा तारीफ करना भी 
तुम्हे शर्मा सा जाता हैं..
मैं सवाल करता हूँ...
तुम टाल जाती हो....
मैं उदास होती हूँ..
तुम भी सहम जाती हो..
कैसा हमारा ये रिश्ता हैं..
ना तुम समझ पाती हो
ना मैं समझ पाता हूँ..


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