Thursday, March 14, 2013

काश ऐसा हो मेरे यार





जीते रहे उसके लिए उस से ही छिपा कर आँसू
अब तो बना लो उसे अपना..कर दो कोई जादू

दिल मे दिलदार काश ऐसा हो मेरे यार
मज़ा आ जाए जीने का...हो जाए मुझे भी किसी से प्यार

तुम्हे नही भूल सकते, तुम्हारा घर कैसे भूल जाएँगे..
बिछड़ भी गये सफ़र मे तो फिर से घर आ जाएँगे..

कारोबार किया हैं तो घाटा मुनाफ़ा ही देखेंगे..
प्यार उनके बस का नही..वो क्या कर लेंगे..

तुम्हारा प्रेम पाने की...
तुम्हे अपना बनाने की..
ये ही तो हैं इच्छा..
क्या तुम्हे ऐसा नही लगता..

0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

Links to this post:

Create a Link

<< Home