Tuesday, March 13, 2018

खुशबू सी तुम

तेरे जहन में
घूमती हर
वो तस्वीर
जो मोहब्बत से
लबरेज हैं
महकती है
रजनीगंधा बन
देती है राहत
तेरी रूह को,

चमकती है
तेरी आँखों मे
नूर बनकर,

फिर छोड़ कर
खुशबू अपनी
गुम हो जाती है
तुझे दिन भर
महकने के लिए
खुशबू जो ठहरी
रुक नही सकती

एक जगह

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