Tuesday, March 13, 2018

ठंडी होली

कुछ जोश नही
कुछ होश नही
कहने को बस
होली है
अंतर में
कितनी पीड़ा है
रोते रोते दिल
हारा है
किसी से कोई
रोश नही
कहने को बस
होली है
दिन बचपन के
कितने सुंदर थे
सब अपने थे
कोई दर्द न था
खेल खिलौने
दुनिया भर के
होली ही होली थी
आज कुछ हाथ नही
कहने को हैप्पी होली है

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