Sunday, October 14, 2012

My Loving Aarti Di...



हो सके तो हमे भूल जाना दी...
कभी ना करना याद..ना हमे याद आना दी..
जो दिया तुमने इतना प्यार..
कहाँ रखेंगे यार...तुम ही बताओ..
कोई गुल्लक तो दे जाना जी..
हो सके तो हमे भूल जाना दी...
नही हैं इस काबिल..जो दे सके तुम्हारा साथ
नही हैं इस लायक की बढ़ा सके तुम तक हाथ..
हमे माफ़ कर देना...जो  हमने हो तुम्हे सताया  दी..
लो देखो अब जुड़ा होने की घड़ी पास आई...
हाथ हैं मेरे दोनो खाली, नही हैं मेरे पास
सिवा आँसुओ के तुम्हे देने को विदाई..
चलो अब चलते हैं ...भगवान ने चाहा तो
फिर मिलते हैं....
इसी मे हैं शायद हमारी भलाई...

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