Thursday, November 7, 2013

कहीं नसीब कि मार न झेलनी पड़ जाये उन्हें जो ...

क्यूँ बोलते हैं
लोग झूठ,
क्यूँ बोते हैं कांटा
उन्हें नहीं पता
एक दिन ये कांटा
उन्हें ही हैं चुभ जाता ...

0 Comments:

Post a Comment

Subscribe to Post Comments [Atom]

Links to this post:

Create a Link

<< Home