Thursday, March 13, 2014

सैनिको की पत्नियो को नमन..कलेजा हो तो इनके जैसा

देख कर उनका शव
कलेजा हलक को आया
कौन कहता हैं शहीद  की  बेवा

रोती नही..हां ..........
उनके आँसू ज़रूर
गर्व के होते हैं
रो कर भी 

अपने लालो को 
वो बनाना चाहती हैं 
अपने पति जैसा शूरवीर..
देश की खातिर 

जो काम आए..
लड़े जो जम के 

दुश्मनो के साथ....
मर कर देश के 

काम आए...शहीद कहलाये

7 Comments:

At March 13, 2014 at 4:00 AM , Blogger Tamasha-E-Zindagi said...

आपको यह बताते हुए हर्ष हो रहा है के आपकी इस विशेष रचना को आदर प्रदान करने हेतु हमने इसे आज के ब्लॉग बुलेटिन - दोगला समाज पर स्थान दिया है | बहुत बहुत बधाई |

 
At March 13, 2014 at 7:17 AM , Blogger Anamikaghatak said...

bhawpoorna prastuti

 
At March 13, 2014 at 11:38 PM , Blogger मुकेश कुमार सिन्हा said...

शहीद के बेवाओं को नमन ........ !!
बहुत भावपूर्ण और प्यारी सी रचना
होली की शुभकामनायें !!

 
At March 24, 2014 at 12:18 AM , Blogger अपर्णा खरे said...

Shukriya Tushar ji..

 
At March 24, 2014 at 12:18 AM , Blogger अपर्णा खरे said...

shukriya Ana...ji

 
At March 24, 2014 at 12:19 AM , Blogger अपर्णा खरे said...

Shukriya Mukesh ji

 
At April 16, 2014 at 1:32 PM , Blogger Kaushal. Prasad said...

Nari se nar hot hai nari jag ki khan nari ninda na karen nari jag ki pahchan

 

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