Monday, October 3, 2016

tumhare siwa kuch nahi


मेरे जिस्म में 
तेरी खुशबू
मेरे हाथों में 
तेरे चेहरे की 
छुअन का एहसास

मेरे माथे पर 
तेरे लबों की मुहर
आँखों में 
तेरा ही प्यार

तू मेरे इतने करीब है
जिस्म से रूह तक
तेरा ही पहरा 
तेरा ही चेहरा
तुझसे ही है 
मेरे होने का एहसास

1 Comments:

At October 3, 2016 at 10:22 PM , Blogger राजीव कुमार झा said...

बहुत सुंदर.

 

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