Tuesday, March 13, 2018

राधा अष्टमी

Radha ashtami pe meri lekhni
सुना है
आज तेरा
जनम दिन है
लेकिन
तू जन्मी कहाँ?
तेरा तो
दिव्य जनम है
आई है
कृष्ण के लिए
प्यार का सबक  देने
संसार को
न लेना न देना
प्यार तो
अन्तरात्मा की आवाज़ है
करता है
मन में निवास
नहीं रखता कोई
अलग सी चाह
है प्रियतम  मेरा
इतना ही बहुत है
क्यों रखे चाह
किसी स्वार्थ की
प्यार मेरा तो
अनमोल है
न दिखाती है
न जताती है
राधा तू तो
सबसे अलग है
तभी तेरा
जनम जनम से
कान्हा संग
प्रेम योग है aparna

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