Sunday, April 15, 2012

यादों की किताब

यादो को एक किताब बना ले
जब जी चाहे खोल के पढ़ ले
अपने सिरहाने उन्हे जगह दे
आपको छोड़ कर कही नही जाएँगी
कभी कभी तो खूब सताएँगी,
कभी हसाएँगी, कभी रुलाएँगी
लेकिन वादा हैं उनका आपसे
हमेशा साथ निभाएँगी...........

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