Wednesday, January 9, 2013

तुम्हारे हर गर्म लिबास मे हैं..



एहसास तो करो हमारा..
हम भी यही आस पास हैं..
छिप गये हैं तुम्हारी धड़कन  मे..
तुम्हारे हर गर्म लिबास मे हैं..

कितने खुशनसीब हो तुम 
एक अच्छी किताब हाथ मे हैं
पढ़ लो हर पन्ना..
किताब अभी सही हालात मे हैं..

जिंदगी मे एक भी हो ..
टूट के चाहने वाला..
जिंदगी बन जाती हैं रागिनी..
जो गाई जाती हैं हर साँस पे दिल से.

खो गये तुम तो हम किसे पाएँगे
प्यार के असीम सागर मे डूब ही ना जाएँगे..

मत बिखरो मेरे यार
मुझमे समेटने का दम नही..
कहीं समेटने मे तुम्हे
खुद ही ना बिखर जाउ मैं

थमी थमी सी जिंदगी
रुके रुके से हम
ऐसे मे..आकर थाम लो मुझको
मेरे सनम.........

जो मर गया हो खुद ही उसे कौन मार सकता हैं
क्यूँ करते हो झूठे बहाने..बताओ आज 
तुमपे कौन कौन मरता हैं..

रूठे यार को मना लो..
कुछ तो कहो ऐसा..
प्यार से हंसा लो..


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