Friday, March 1, 2013

वो मेरा अपना हुआ..

नही मिला वो 
आज तक मुझसे रूबरू..
मुझे आज ये कहने मे
कोई गुरेज़ नही
उसने मुझे
कहाँ कहाँ 
नही छुआ ....
बस गया हैं 
जो मेरी रूह के भीतर 
उसने मेरा 
जहनो दिल दिमाग़ 
सब कुछ छुआ..
तभी तो 
कहती गर्व से..आज 
वो मेरा अपना हुआ..


At March 1, 2013 at 8:48 PM , Anonymous Anonymous said...

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