Monday, October 24, 2016

यादों का कारोबार

तेरी यादों के 
कारोबार से
मेरा खर्चा 
नहीं चलता, 

नहीं भरता 
पेट मेरा
आसानी से 
गुजारा भी 
नहीं होता

फिर भी 
न जाने क्यों
मेरा यादों का 
ये कारोबार 
बदलने का
दिल नहीं करता

तेरी यादों से 
हटने का 
दिल नहीं करता

अम्मी ने कहा था 
एक रोज
कारोबार अपने 
पसंद का करना
मुनाफा हो 
न हो
अपने लिए जीना, 
औरों के लिए मरना
हमेशा खुश खुश रहना
जो भी मिले दुनिया में
सबसे मोहब्बत करना।।।।।।।

1 Comments:

At October 24, 2016 at 11:21 PM , Anonymous Anonymous said...

:)

 

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